वैदिक गणित : शैक्षिक महत्व, उपयोगिता एवं समकालीन परिप्रेक्ष्य में एक विश्लेषणात्मक अध्ययन
DOI:
https://doi.org/10.66346/ev.v3i1.2026.6Keywords:
- वैदिक गणित, भारतीय ज्ञान परंपरा, गणित शिक्षा, मानसिक गणना, भारतीय ज्ञान प्रणाली, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020
Abstract
वैदिक गणित भारतीय ज्ञान परंपरा की एक अमूल्य धरोहर है, जो गणितीय समस्याओं के समाधान के लिए सरल, तीव्र एवं तार्किक विधियाँ प्रदान करती है। इसका आधुनिक स्वरूप जगद्गुरु स्वामी भारती कृष्ण तीर्थ द्वारा प्रतिपादित किया गया, जिन्होंने 16 सूत्रों एवं 13 उपसूत्रों के माध्यम से गणनाओं को सरल बनाने का प्रयास किया। वर्तमान शोध-पत्र में वैदिक गणित की अवधारणा, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, शैक्षिक महत्व, विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास में इसकी भूमिका तथा समकालीन शिक्षा व्यवस्था में इसकी उपयोगिता का अध्ययन किया गया है। अध्ययन से ज्ञात होता है कि वैदिक गणित न केवल गणना की गति और शुद्धता को बढ़ाती है, बल्कि विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, आत्मविश्वास एवं समस्या समाधान क्षमता का भी विकास करती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 तथा भारतीय ज्ञान प्रणाली (Indian Knowledge System) के संदर्भ में वैदिक गणित का महत्व और अधिक बढ़ गया है।
Downloads
References
1. Tirthaji, Bharati Krishna. Vedic Mathematics. Motilal Banarsidass Publishers.
2. Aggarwal, A. (2018). Vedic Mathematics and Modern Education.
3. Sharma, R. (2020). Indian Knowledge System and Mathematics Education.
4. National Education Policy (2020), Ministry of Education, Government of India.
5. Singh, S. (2019). Role of Vedic Mathematics in School Education.
6. Gupta, P. (2021). Cognitive Development through Mental Mathematics.
7. Mishra, V. (2022). Vedic Mathematics: Theory and Practice.
8. Indian Knowledge Systems Division, AICTE Publications.
9. Rao, K. (2017). Ancient Indian Mathematical Traditions.
10. Journal of Mathematics Education, Various Issues.

