About the Journal
उद्देश्य:
१: हिंदी भाषा में विज्ञान लेखन को बढ़ावा देना, पाठय सामग्री से सम्बंधित ज्ञान और विज्ञान को सबके लिए सुलभ कराना, वैश्विक स्तर पर हो रहे नित-नवीन अनुसन्धान से छात्र-छात्राओं एवं सामान्य-जन को सरल भाषा में परिचित कराना।
२: छात्र-छात्राओं में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा उत्पन्न करना, विज्ञान पढ़ने एवं सीखने के लिए प्रेरित करना एवं भविष्य में विज्ञान विषय को पढ़ने और आगे अनुसन्धान करने के लिए प्रेरित करना।
३: सामान्य-जन एवं अभिभावकों के मध्य विज्ञान को लोकप्रिय बनाना।
४: छात्र-छात्राओं एवं सामान्य-जन को स्थापित एवं नवीन अवधारणाओं से क्रमिक रूप से सरल भाषा में परिचित कराना एवं अवैज्ञानिक रूढ़ि-वादी विचारों के प्रति जागरूक करना।
५: वैश्विक स्तर पर हो रहे वैज्ञानिक बदलावों से छात्र-छात्राओं एवं सामान्यजन को सरल भाषा में परिचित कराना।
६: छात्र-छात्राओं एवं बाल/किशोर/युवा-वैज्ञानिकों को देश एवं विदेश में हो रहे नवोन्मेष ज्ञान से परिचित कराना और स्वयं नवोन्मेष के लिए प्रेरित करना।
७: छात्र-छात्राओं और सामान्य-जन एवं अभिभावकों के मध्य विचारों के आदान-प्रदान के लिए एक प्लेटफॉर्म बनाना।
८: हिंदी भाषा को वैज्ञानिक रूप से संपन्न करना।
आलेखों के प्रकार:
ई-विज्ञानम पत्रिका/जर्नल में क्रांतिकारीखोजें , पाठ्यक्रम आलेख, विषय आलेख, विज्ञान के रोचक तथ्य, आओ प्रयोग करें, विज्ञान-गल्प, महान वैज्ञानिक: जीवन परिचय, हमारा पर्यावरण, प्रौद्योगिकी, नवोन्मेष, विशेष आलेख, आमंत्रित आलेख, समसामयिक आलेख, विज्ञान की नवीनतम जानकारी, माह की महत्वपूर्ण वैज्ञानिक घटनाएं, वर्ष की महत्वपूर्ण वैज्ञानिक घटनाएं शीर्षक के अंतर्गत निम्न चार श्रेणियों में आलेख ऑनलाइन सबमिशन पोर्टल स्वीकार किये जायेंगे।
१: लघु-आलेख: इस श्रेणी में आलेखों के लिए लगभग १००० शब्दों की सीमा निर्धारित की गई है। लेखक ४-६ चित्रों के माध्यम से विषय-वस्तु को स्पष्ट कर सकते हैं। ३-५ सन्दर्भ अनिवार्य रूप से आलेख में उल्लेखित किये जाने चाहिए। सार-संक्षेप में लेखक को लगभग १०० शब्दों में लेख-लिखने का उद्देश्य स्पष्ट करना चाहिए। लेख को भिन्न-भिन्न बिंदुओं में विभक्त कर समझाना चाहिए। लेख एक सामान्य-जन को समझ में आ सकने वाली भाषा में लिखना चाहिए। लेख को समझाने के लिए किसी पूर्व विशेष ज्ञान की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। लेख के अंत में लेखक को अपनी बात सारांश के रूप में स्पष्ट रखनी चाहिए।
२: सामान्य-आलेख: इस श्रेणी में आलेखों के लिए लगभग २००० शब्दों की सीमा निर्धारित की गई है। लेखक ६ -८ चित्रों के माध्यम से विषय-वस्तु को स्पष्ट कर सकते हैं। ५ -१० सन्दर्भ अनिवार्य रूप से आलेख में उल्लेखित किये जाने चाहिए। सार-संक्षेप में लेखक को लगभग १००-१५० शब्दों में लेख-लिखने का उद्देश्य स्पष्ट करना चाहिए। लेख को भिन्न-भिन्न बिंदुओं में विभक्त कर समझाना चाहिए। लेख एक सामान्य-जन को समझ में आ सकने वाली भाषा में लिखना चाहिए। लेख को समझाने के लिए किसी पूर्व विशेष ज्ञान की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। लेख के अंत में लेखक को अपनी बात सारांश के रूप में स्पष्ट रखनी चाहिए।
३: विशेष-आलेख: ई-विज्ञानम पत्रिका/जर्नल के मुख्य-सपादक को समालोचक द्वारा स्वीकृत किये गए सामान्य आलेखों में से स्पष्टता, गुणवत्ता और गंभीर विषयों को सरल भाषा में समझाने की कला के आधार पर विशेष-श्रेणी आलेख के रूप में चिन्हित करने का अधिकार होगा। इस सन्दर्भ में मुख्य-सपादक का निर्यण अंतिम और सभी के लिए मान्य होगा।
४: आमंत्रित आलेख: इस श्रेणी में छापे आलेख विषय -विशेषज्ञों से आमंत्रित किये जायेंगे। यदि किसी विशेषज्ञ की रुचि इस श्रेणी में आलेख भजने की है तो इसके लिए उसे एक ईमेल भेजकर मुख्य संपादक की पूर्व अनुमति लेनी होगी। आमंत्रित आलेख बिना पूर्व अनुमति के नहीं स्वीकार किये जायेंगे। इस श्रेणी में आलेखों के लिए कोई शब्द सीमा निर्धारित नहीं की गई है, लेकिन ३५०० से कम शब्दों में लिखे लेख प्रसंशनीय माने जाएंगे। लेखक ८ -१० चित्रों के माध्यम से विषय-वस्तु को स्पष्ट कर सकते हैं। ५ -१० सन्दर्भ अनिवार्य रूप से आलेख में उल्लेखित किये जाने चाहिए। सार-संक्षेप में लेखक को लगभग १५० -२०० शब्दों में लेख-लिखने का उद्देश्य स्पष्ट करना चाहिए। लेख को भिन्न-भिन्न बिंदुओं में विभक्त कर समझाना चाहिए। लेख एक सामान्य-जन को समझ में आ सकने वाली भाषा में लिखना चाहिए। लेख को समझाने के लिए किसी पूर्व विशेष ज्ञान की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। लेख के अंत में लेखक को अपनी बात सारांश के रूप में स्पष्ट रखनी चाहिए।
५: विशेषांक: समय-समय पर विशेष चिन्हित एवं समसामयिक महत्त्व के विषयों पर केंद्रित विशेषांक प्रकशित किये जायेंगे जिनके लिए मुक्ताविज्ञानम वेबसाइट पर आलेख आमंत्रित किये जायेंगे। इन विशेष अंकों में भी उपरोक्त चार श्रेणियों में आलेख छाप सकेंगे।
विशेष: प्रत्येक आलेख में टेक्निकल शब्दों को अंग्रेजी भाषा में स्पष्टता की दृष्टि से सीमित प्रयोग अधिकतम ३- ४ शब्द प्रति आलेख छूट है। इससे अधिक शब्द अंग्रेजी भाषा में स्वीकार नहीं किये जाएंगे। वह भी इस दशा में की लेखक प्रथमतः उनके सही हिंदी रूपान्तरण का प्रयोग करेंगे।
कैसे भेंजे आलेख ?
१: ई-विज्ञानम में सभी प्रकार के आलेखों को छपने की एक ही प्रक्रिया है। लेखक को ई-विज्ञानम पर पहले अपनी कुछ व्यक्तिगत जानकारी, यथा नाम, ईमेल, संस्था का नाम और पता एवं संपर्क हेतु अपना मोबाइल नंबर इत्यादि भरने होंगे। आलेख प्रारूपों में से एक का चयन करना होगा एवं वर्णित फॉर्मेट में doc या docx या पीडीऍफ़ फॉर्मेट में जमा करना होगा। ईमेल से भेजे आलेख स्वीकार नहीं किये जायेंगे और ना ही समालोचना (रिव्यु) के लिए भेजे जायेंगे।
२: आलेख पर कम से कम एक संपादक और /या मुख्य संपादक की सहमति प्राप्त होने पर आलेख एक या आवश्यकता पड़ने पर दो विषय विशेषज्ञों के पास गुणवत्ता जांचने के लिए भेजे जाएंगे। समलोचक द्वारा गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाए जाने पर ही आलेख छप सकेंगे। समलोचक आवश्यक सुधार करने हेतु सुझाव देंगे जिसके अनरूप बदलाव करने के लिए एक या अधिकतम दो बार लेखक को अवसर मिल सकेंगे। नियत समय में सुधार कर पुनः ऑनलाइन सबमिशन पोर्टल के माध्यम से प्रेषित/जमा किये गए आलेख पुनः समालोचना के लिए स्वीकार किये जाएंगे। जो लेख निर्धारित समय सीमा में सही कर पुनः नहीं भेजे जाएंगे एवं उनको निरस्त करने का सर्वाधिकार संपादक-मंडल के पास सुरक्षित है।
३: आमंत्रित आलेख श्रेणी में आलेख मुख्य-संपादक द्वारा विषय -विशेषज्ञों से आमंत्रित किये जायेंगे। यदि किसी विशेषज्ञ की रुचि इस श्रेणी में आलेख भजने की है, तो इसके लिए उसे एक ईमेल भेजकर मुख्य संपादक की पूर्व अनुमति लेनी होगी। आमंत्रित आलेख बिना पूर्व अनुमति के नहीं स्वीकार किये जायेंगे।
४: विशेषांक के लिए मुक्ताविज्ञानम वेबसाइट पर आलेख आमंत्रित किये जाने की सूचना आने के बाद ही इच्छुक लेखक विशेष अंकों में उपरोक्त चार श्रेणियों में आलेख ई -विज्ञानम के ऑनलाइन सबमिशन पोर्टल के माध्यम से जमा कर सकेंगे।

