टिहरी बाँध परियोजना: तकनीकी उपलब्धि और सामाजिक-पर्यावरणीय प्रभाव
DOI:
https://doi.org/10.66346/ev.v3i1.2026.3Keywords:
- टिहरी बाँध परियोजना, जलविद्युत उत्पादन, विस्थापन, पर्यावरणीय प्रभाव, पुनर्वास, सतत विकास, जल संसाधन प्रबंधन, उत्तराखंड, नदी घाटी परियोजना, भूकंपीय जोखिम
Abstract
टिहरी बाँध परियोजना भारत की प्रमुख बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं में से एक है, जिसने जल संसाधन प्रबंधन, ऊर्जा उत्पादन, सिंचाई तथा पेयजल आपूर्ति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह अध्ययन टिहरी बाँध परियोजना के भौगोलिक, ऐतिहासिक, तकनीकी, सामाजिक, आर्थिक तथा पर्यावरणीय पहलुओं का समग्र विश्लेषण प्रस्तुत करता है। अध्ययन में द्वितीयक स्रोतों, सरकारी रिपोर्टों, शैक्षणिक सामग्री तथा प्रकाशित लेखों के आधार पर परियोजना के बहुआयामी प्रभावों का मूल्यांकन किया गया है। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि इस परियोजना ने जलविद्युत उत्पादन, क्षेत्रीय विकास, सिंचाई विस्तार तथा पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दूसरी ओर, विस्थापन, पुनर्वास, पर्यावरणीय क्षति तथा भूकंपीय जोखिम जैसी चुनौतियाँ भी इससे जुड़ी रही हैं। शोध यह निष्कर्ष प्रस्तुत करता है कि बड़े विकास कार्यों की सफलता केवल आर्थिक लाभों से नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, पर्यावरणीय संरक्षण तथा सतत विकास के सिद्धांतों के संतुलित समावेश से निर्धारित होती है। टिहरी बाँध परियोजना विकास और संरक्षण के मध्य संतुलन स्थापित करने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
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References
1. भारत सरकार, जल शक्ति मंत्रालय – जल संसाधन परियोजनाएँ, https://www.jalshakti-dowr.gov.in/
2. टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (THDC) – आधिकारिक वेबसाइट, https://thdc.co.in/en
3. एनसीईआरटी भूगोल की पाठ्यपुस्तकें (कक्षा 9–12)
4. Down To Earth पत्रिका – टिहरी बाँध परियोजना पर विशेष लेख, https://www.downtoearth.org.in/environment/tehri-hanging-over-troubled-waters-29733
5. Britannica. (2024). Tehri Dam. Encyclopaedia Britannica, http://britannica.com/topic/Tehri-Dam
6. Environmental aspects tehri dam final, https://www.slideshare.net/slideshow/environmental-aspects-tehri-dam-final/53747850
7. S K Verma et al 2022 IOP Conf. Ser.: Earth Environ. Sci. 1032 012020, DOI 10.1088/1755-1315/1032/1/012020

