सरोज अ.क. (2026) “भारत का जनसांख्यिकीय लाभांश: अवसर, भ्रम या समय के विरुद्ध दौड़?”, ई-विज्ञानम, 4(1), pp. 67–71. doi:10.66346/ev.v4i1.2026.8.